Spiritual

जानिए क्यों खास है 2017 की महाशिवरात्रि । कैसे पाए महादेव भगवान शिव का आशीर्वाद ।

इस मंत्र को 108 बार जरूर दोराहे । सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी ।

वन्दे शम्भुं उमा-पतिं सुर-गुरुं वन्दे जगत्कारणम्
वन्दे पन्नग-भूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम् ।
वन्दे सूर्य-शशांक-वह्नि-नयनं वन्दे मुकुन्द-प्रियम्
वन्दे भक्त-जनाश्रयं च वरदं वन्दे शिवं शंकरम् ॥

भगवान शंकर का पंचाक्षर मंत्र
शिव पंचाक्षर मंत्र (Shri Shiv Panchakshar mantra) भगवान शंकर को अतिप्रिय है। शिव पूजन में रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का 108 बार पाठ किया जाना चाहिए। यह मंत्र शिव को अतिशीघ्र प्रसन्न करता है। यह मंत्र मनोकामना पूर्ति में सहायक है।
ऊँ नमः शिवाय।
शिव गायत्री मंत्र
ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात।।
द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र
द्वादश ज्योतिर्लिंग मंत्र एक ध्यान मंत्र है। जिसमें शिव के प्रमुख 12 तीर्थ स्थानों के नामों के बारे में बताया गया हैं । मंत्र की यह महिमा बताई गई है कि सुबह, शाम (evening) दोनों समय इस मंत्र का जप करने से सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
सौराष्ट्रे सोम्नथन्च, श्री शैलेमल्लिकार्जुनं।
उज्जैन्यांमहाकालं मोम्कारं ममलेश्वरं।।
परल्यां वैद्यनाथं च, दाखिन्यां भीमशन्करं।
सेतुबन्धेतुरामेषं नागेशं दारुकावने।।
वाराणष्यां तु विश्वेशं, त्रयंबकं गौतमि तटे।
हिमालये तु केदारं धुश्मेषं च शिवालये।।
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि, सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्त जन्म कृतं पापं स्मरेण विनश्यति।।
शिव मंत्र
ऊँ पार्वतीपतये नमः।
ऊँ नमो नीलकण्ठाय।
ऊँ साम्ब शिवाय नमः।
शिव नमस्कार मंत्र
 
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शन्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिर्ब्रम्हणोधपतिर्ब्रम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
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