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2,000 रुपये के नोटों को बंद किए जाने के प्रस्ताव पे ये क्या बोले गए अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी के बाद नए जारी किए गए 2,000 के नोटों को वापस लिए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इन नोटों को नोटबंदी के बाद 500 रुपये के नए नोटों के साथ जारी किया गया था। 2,000 रुपये के नोटों को बंद किए जाने की चर्चाओं को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जेटली ने लोकसभा में कहा, ‘2,000 रुपये के बैंक नोट को वापस लिए जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।’ इसके अलावा जेटली ने बताया कि 500 और 1000 रुपये के 12.44 लाख रुपये के पुराने नोट करंसी चेस्ट्स में लौटे हैं। (10 दिसंबर, 2016 तक के आंकड़ों के मुताबिक)

 

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी के बाद करंसी चेस्ट्स में लौटे पुराने बैंक नोटों की वास्तविक संख्या और जारी किए गए आंकड़ों में कुछ फेरबदल हो सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि वापस आए नोटों में से फर्जी करंसी के बारे में पड़ताल करना अभी बाकी है। इसके अलावा काउंटिंग में भी चूक हो सकती है। नोटबंदी के बाद कैश की कमी अब सामान्य होने की बात करते हुए जेटली ने कहा कि 3 मा्र, 2017 को 12 लाख करोड़ रुपये की करंसी सर्कुलेशन में थी, जबकि 27 जनवरी को यह आंकड़ा 9.921 लाख करोड़ रुपये था।

जेटली ने एक बार फिर दोहराया कि नोटबंदी का सरकार का फैसला भ्रष्टाचार, काला धन, नकली करंसी और आतंकी फंडिंग पर रोक लगाने के लिए था। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बैंकों में कैश डिपॉजिट में बड़ा इजाफा हुआ है। इससे इंटरेस्ट रेट में कमी होने की उम्मीद है। इसके अलावा बैंकों को अपना क्रेडिट बेस बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

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