Spiritual

इस साल के नवरात्रों में होंगे सब के दुख दूर, 427 साल बाद बना है ऐसा अद्भुत संयोग

हिन्दुओं में पितृपक्ष और नवरात्रों का काफ़ी महत्व है. पितृपक्ष में जहां हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं, वहीं नवरात्रों में बड़ी धूम-धाम से शक्ति की देवी दुर्गा की उपासना करते हैं. कहा जाता है कि करीब 16 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष में किसी भी नए या शुभ काम को नहीं किया जाता. वहीं देवी के 9 दिनों में बिना पत्रों को देखे किसी भी शुभ काम को किया जा सकता है.

 

 

 

इस साल एक संयोग बैठा है, जो बिते 427 सालों में पंचांग में नहीं बैठा. इस बार पितृपक्ष मात्र 15 दिनों में ही खत्म हो जाएगा. वहीं नवरात्रे 9 के बजाए 10 दिन चलेंगे. इससे पहले यह संयोग 1589 में बना था और अब यह संयोग पुनः साढ़े चार सौ साल बाद बनेगा.

 

 

पितृपक्ष का घटना व नवरात्रि का बढ़ना शुभ संकेत है. पंडितों के अनुसार श्राद्ध पक्ष का एक दिन कम होना और नवरात्रि का एक दिन बढ़ना शुभ संकेत दे रहा है. व्यापारियों के लिए यह साल शुभ संदेश लेकर आ रहा है. साथ ही भगवान पर भरोसा कर के पूरी लगन के साथ मेहनत करने वालों के लिए भी शुभदायी साबित होगा और सफलता मिलेगी

 

 

नवरात्रि में तृतीया दो दिन पड़ेगी। इस बार नवरात्रे 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जो 10 अक्टूबर तक चलेंगे. सालों बाद नवरात्रि नौ के बजाय 10 दिनों तक मनाई जाएगी. नवरात्रे में तृतीया तिथि दो दिन तक 3 व 4 अक्टूबर को मनाई जाएगी. 11 वें दिन दशहरा मनाया जाएगा.

 

इस बार शुभ संदेशों को देख देशभर के पंडित काफ़ी खुश हैं, साथ ही सभी को अपने कामों में मेहनत करने की राय भी दे रहे हैं. अब देखना होगा कि किस-किस के लिए आने वाले नवरात्रे खुशी की ख़बर लेकर आते हैं?

 

Tags

Related Articles