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महिलाओं को कभी नहीं तोड़ना चाहिए नारियल नहीं तो हो जाएगा अनर्थ

हिन्दू धर्म में नारियल के फल का बहुत ही महत्व है क्योकि नारियल एक ऐसा फल है जो सभी को लुभाता है। इसे देखकर पूजन कार्यक्रम या शुभप्रसंग की याद आने लगती है। स्वाद में भी यह सभी को अच्छा लगता है और इसका पानी भी सभी को लुभाता है। यही नहीं नारियल के व्यंजन लोगों को बहुत प्रिय होते हैं। हां भारतीय पूजन पद्धति में इसका बहुत महत्व है।

 

 
कलश स्थापना से लेकर किसी का सम्मान करना हो या फिर भगवान को भोग लगाना हो नारियल के बिना यह सब विधियां पूरी नहीं होती। मगर क्या आप जानते हैं नारियल को स्त्रियों द्वारा नहीं फोड़ा जा सकता। आखिर ऐसा क्यों है कि नारियल को स्त्रियों द्वारा नहीं फोड़ा जा सकता। दरअसल स्त्रियां बीज रूप में शिशुओं को जन्म देती हैं और नारियल भी बीज रूप माना जाता है।

 
ऐसे में मान्यता है कि ईश्वर को अर्पित करने के बाद पुरूष ही इसे फोड़ते हैं। दूसरी ओर यह कठोर भी होता है। फिर कहा जाता है कि इसकी उत्पत्ती के समय भगवान विष्णु नारियल के साथ अन्य दो चीजें लेकर प्रकट हुए लक्ष्मी और कामधेनु इसकारण इसे और पवित्र माना जाता है।

 

 

यह प्रजनन का कारक है। यही नहीं इसमें तीन आंखों रूपी आकृति बनी होती है इसे त्रिनेत्र के तौर पर देखा जाता।

 
यह इतना पवित्र होता है कि इसमें आदि देव महादेव और ब्रह्माजी के साथ विष्णु जी का निवास माना जाता है।

 

 

यदि नारियल के जल से शिवलिंग पर रूद्राभिषेक किया जाए तो यह शनि शांति में अच्छा उपाय होता है। यही नहीं यह शारीरीक दुर्बलता को दूर करता है।

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