Spiritual

आज है शनि अमावस्या, जाने शनिदेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय

यदि आप परेशान हैं तो इस शनिअमावस्या कुछ खास उपाय करें, तो आपको परेशानी से निजात मिल सकेगी। 24 जून 2017 को अमावस्या है। इस दिन शनिवार आने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। शनिवार को अमावस्या होने के कारण इसे शनिचरी अमावस्या कहते हैं। इस दिन पूजन के लिए विशेष समय रात्रि या गोधूलि अर्थात् शाम का समय होता है। पं.सोमेश परसांई के अनुसार शनि की अनुकूलता से व्यक्ति को चल रही साढ़े साती, ढैय्या और कुंडली में मौजूद कमजोर शनि का प्रभाव समाप्त होता है। व्यापारियों को तरक्की, नौकरीपेशा को पदोन्नति मिलती है। दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां समाप्त होती हैं। मरीजों के रोग से छुटकारा मिलता है।

 

अमावस्या का पुण्यकाल 23 व 24 जून दो दिनों रहेगा। अमावस्या तिथि 23-24 जून को रहेगी। इसका शुभांरभ 23 जून सुबह 11.50 बजे होगा और विश्राम 24 जून 8.00 बजे हो जाएगा। अमावस्या तिथि में पितृकर्म करने वाले जातक 23 जून को उनके निमित्त दान-पूजा आदि कर सकते हैं।

 

– जो जातक कालसर्प दोष, पितृदोष, ढय्या और साढ़ेसाती से गुजर रहे हैं उन्हें राहत दिलाएगा 23-24 जून को किया गया रुद्राभिषेक, पितृदोष शांति पूजन और शनि उपाय। ज्योतिष विद्वानों का मानना है कि इस रोज आस्था और श्रद्धा भाव से किया गया दान पुण्य चार गुना फल देता है।

 

शनिदेव की पूजा विधि
शनिचरी अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है, परंतु इस दिन शनिदेव का पूजन विधि-विधान से करना चाहिए। यदि सिद्ध विधि से पूजा की जाए तो अवश्य ही लाभ मिलता है। शनिवार सुबह स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद काले पत्थर से बनी शनिदेव की प्रतिमा के सामने

 

शनि मंत्र का जप करें।

शनि मंत्र- ऊं शं शनैश्चराय नम:

इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें। मंत्र जप के समय शनिदेव को तेल अर्पित करते रहना चाहिए। इसके बाद तेल के दीपक से आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।

 

 

दान पुण्य
यदि काली गाय दान करने की क्षमता नहीं है तो काली गाय के निमित्त चारा दान करें या किसी गौशाला में जाकर काली गाय के महीने या सालभर के चारे के निमित्त भी धन दिया जा सकता है।
इसी तरह कोई भी काला वस्त्र (कंबल हो तो उत्तम), काली उड़द की दाल, काले तिल, काले चमड़े का जूता या चप्पल, नमक, सरसों का तेल या अनाज का दान भी किया जा सकता है। ध्यान रहे कि लोहे के बर्तन में चावल भरकर दान करें। ध्यान रहे कि शनि का दान शनिवार की शाम को श्रेष्ठ माना गया है। यह भी ध्यान रखें कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को ही दान दें। इसके अलावा सरसों का तेल, फूल, व तेल से बने पकवानों का भी दान दिया जा सकता है।

Related Articles