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हनुमान जयंती पर करे यह तीन उपाय होगी हर मनोकामना पूर्ण

प्रत्येक व्यक्ति चाहता है, उसके जीवन में कोई परेशानी ना हो, उसे सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हो, धन की कभी कमी ना हो और उसका व्यक्तित्व ऐसा आकर्षक बन जाए कि कोई भी उससे प्रभावित हुए बिना ना रह पाए।

 

 

यह सब तभी संभव हो पाता है जब व्यक्ति का भाग्योदय हो। बिना भाग्योदय के जीवन सामान्य ही रहता है। हनुमानजी को पृथ्वी का जाग्रत देव माना गया है, यानी हनुमानजी पृथ्वी पर अब भी मौजूद हैं। वे अपने भक्तों को समस्त सुख प्रदान करने में सक्षम हैं।

 

हनुमान पूजा का तंत्र शास्त्र में भी बड़ा महत्व है
हनुमान पूजा का तंत्र शास्त्र में भी बड़ा महत्व है। 31 मार्च को आ रही हनुमान जयंती पर तंत्र शास्त्र में बताए गए तीन चमत्कारिक प्रयोग करके आप भी अपना भाग्योदय स्वयं कर सकते हैं।

 

पहला प्रयोग:
मीठा पान हनुमानजी को मीठा पान अत्यंत प्रिय है। हनुमान जयंती के दिन हनुमानजी को मीठा पान जरूर भेंट करें। पान में पांच प्रकार की वस्तुएं होना चाहिए। कत्था, गुलकंद, खोपरा, सौंफ और गुलाबकतरी। इनके अलावा चूना, सुपारी और अन्य कोई वस्तु बिलकुल नहीं हो। इस पान से हनुमानजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और मनचाही वस्तु प्रदान कर देते हैं।

 

दूसरा प्रयोग:
लाल झंडा हनुमान जयंती के दिन हनुमान मंदिर के शिखर पर तिकोना लाल झंडा लगवाएं। इससे सर्वत्र विजय हासिल होती है। जीवन की समस्त परेशानियों का हल निकलता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। कोर्ट-कचहरी, मुकदमों में जीत मिलती है। हनुमान की छत्रछाया हमेशा आप पर बनी रहेगी।

 

तीसरा प्रयोग:
आंकड़े की माला सफेद आंकड़े के 21 पत्तों पर केसर-चंदन से राम-राम लिखकर उनकी माला बनाकर हनुमानजी को पहनाएं। इस प्रयोग से भाग्य के रास्ते में आ रही समस्त बाधाएं समाप्त होती हैं और व्यक्ति के जीवन में सफलता के द्वार खुलते चले जाते हैं। हनुमानजी को सुगंधित इत्र भी भेंट करें।

क्‍या है हनुमान जयंती 2018 का मुहूर्त 
ज्‍योतिष के जानकार सुजीत महाराज बताते हैं क‍ि हनुमान जयंती 30 मार्च को सायंकाल 07:35 से 31 को शाम 06:06 मिनट तक रहेगी। उदय तिथि 31 को होने के कारण पूर्णिमा 31 को ही मनाई जाएगी और उसी दिन पूरी रात्रि और पूरा दिन श्री हनुमान जयंती मनाई जाती है। 31की रात्रि को पूजा का विशेष फल है क्योंकि चैत्र पूर्णिमा की रात्रि में ही हनुमान जयंती मनाने का प्रावधान है।

पूजा के दौरान ना करें ये भूल 

महावीर हनुमान को महाकाल शिव का 11वां रुद्रावतार माना गया है। इनकी विधिवत् उपासना करने से सभी बाधाओं का नाश होता है। ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा या सुन्दरकांड का पाठ करना चाहिए। लेकिन इस दौरान इन गलतियों से बचना चाहिए :

 

 हनुमान जयंती के द‍िन अगर व्रत रखते हैं तो इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। जो भी वस्‍तु दान दें विशेष रूप से मिठाई तो उस दिन स्‍वयं मीठे का सेवन ना करें।
राम भक्‍त हनुमान सीता जी में माता का दर्शन करते थे और बाल ब्रह्मचारी के रूप में स्‍त्रियों के स्‍पर्श से दूर रहते हैं। इसलिए माता स्‍वरूप स्‍त्री से पूजन करवाना और उनका स्‍पर्श करना वे पसंद नहीं करते। फिर भी यदि महिलाएं चाहे तो हनुमान जी के चरणों में दीप प्रज्‍जवलित कर सकती हैं। लेकिन उन्‍हें ना तो छुएं और ना ही उन्‍हें तिलक करें। महिलाओं का हनुमान जी वस्‍त्र अर्पित करना भी वर्जित है।

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