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मेघनाद, इंद्रजीत, रावण पुत्र की जाने असली कहानी

बॉलीवुड से शुरू हुआ था रामायण के ‘मेघनाद’ का करियर, उड़ा दी थी राजेश खन्ना की नींद

साल 1972 में फिल्म ‘जरूरत’ से विजय अरोड़ा (Vijay Arora) ने डेब्यू किया था. लेकिन उन्हें स्टारडम तब मिला जब 1973 में जीनत अमान के साथ ‘यादों की बारात’ की.

 

रामानंद सागर (Ramanand Sagar) की रामायण (Ramayan) के पात्रों को लॉकडाउन (Lockdown) ने एक बार फिर से फेमस कर दिया. कोरोना वायरस (Coronavirus) से बचने के लिए लोग अपने घरों में लक्ष्मण रेखा खींच कर बैठे रहें, इस उद्देश्य के साथ दूरदर्शन ने 80-90 दशक के कार्यक्रमों का प्रसारण फिर से शुरू किया. दूरदर्शन (Doordarshan) की टीआरपी ने ये बता दिया कि लोग रामायण से आज भी उतना ही प्यार करते हैं. जितना पहले किया करते थे. रामायण में मेघनाद का किरदार निभाने वाले विजय अरोड़ा (Vijay Arora) एक ऐसे एक्टर थे, जिन्होंने बॉलीवुड से अपना करियर शुरू किया था और कहा जाता है कि उनकी दमदार एक्टिंग देखने के बाद सुपर स्टार राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) को भी डर सताने लगा था.

 

रामायण (Ramayan) में मेघनाद (Meghnad) का किरदार विजय अरोड़ा ने निभाया था. अपने दमदार एक्टिंग से उन्होंने न सिर्फ दर्शकों का भरपूर प्यार पाया बल्कि बॉलीवुड के सुपर स्टार राकेश खन्ना की नींद भी उड़ा दी थी.

 

यादों की बारात’ से मिला स्टारडम
विजय अरोड़ा ने 1971 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ग्रेजुएशन किया और गोल्ड मेडल भी जीता था. साल 1972 में फिल्म ‘जरूरत’ से उन्होंने डेब्यू किया था. लेकिन उन्हें स्टारडम तब मिला जब साल 1973 में जीनत अमान के साथ ‘यादों की बारात’ की. उनका रोमांटिक गाने ‘चुरा लिया है’ सुपरहिट रहा और हाथ में गिटार लिए विजय अरोड़ा कइयों के दिल की धड़कन बन गए.

 

 

 

कई फिल्मों में किया काम
ये उन दिनों की बात है, जब पूरे बॉलीवुड में राजेश खन्ना के नाम डंका बजा करता था. फिल्म यादों की बारात में उन्होंने भले ही छोटा सा किरदार निभाया था, लेकिन विजय अरोड़ा की इस फिल्म के बाद बहुत चर्चा हुई. इसके बाद उन्होंने जया भादुड़ी, वहीदा रहमान के साथ फागुन, शबाना आजमी के साथ कादम्बरी, तनुजा के साथ इंसाफ, परवीन बॉबी के साथ 36 घंटे, मौसमी चटर्जी के साथ नाटक में काम किया.

 

मिला मेघनाथ का रोल
80 के दशक में रामानंद सागर ने अपने लोकप्रिय सीरियल रामायण में एक ऐसा रोल ऑफर किया, जिससे विजय अरोड़ा ने एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता को साबित कर दिया. रामायण में मेघनाद इंद्रजीत का रोल मिला. फिर एक बार सफलता का स्वाद चखा. इस रोल को विजय अरोड़ा ने अपनी एक्टिंग से अमर बना दिया. मेघनाद के रोल के लिए आज भी लोग विजय अरोड़ा को याद करते हैं.

 

 

2007 में हुआ निधन
रामायण के दोबारा प्रसारण के समय विजय अरोड़ा नहीं हैं, लेकिन उनकी एक्टिंग के चर्चे आज भी खूब होते हैं. साल 2007 में उनका निधन हो गया था. वो पेट के कैंसर से ग्रसित थे. 62 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

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